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Home » हिन्दी » व्याकरण » धातु

धातु

📋 Contents

  • 1 धातु
  • 2 धातु के भेद
    • 2.1 (1) मूल धातु
    • 2.2 (2) यौगिक धातु
      • 2.2.1 (i) प्रेरणार्थक क्रिया 
      • 2.2.2 (ii)  यौगिक क्रिया
      • 2.2.3 (iii) नाम धातु
    • 2.3 (3) नामधातु
    • 2.4 (4) मिश्र धातु
    • 2.5 (5) अनुकरणात्मक धातु
  • 3 हिन्दी व्याकरण

धातु

हिन्दी व्याकरण में क्रिया के मूल रूप को धातु कहते है।

धातु क्रियापद के उस अंश को कहते है, जो किसी क्रिया के प्रायः सभी रूपों में पाया जाता है। क्रिया के मूल रूप अर्थात धातु के साथ ‘ना’ जोड़ने से क्रिया का सामान्य रूप बनता है।

उदाहरण :

पढ़ + ना =पढ़ना

लिख + ना =लिखना

जा + ना =जाना

खा + ना =खाना

चल+ना = चलना

देख+ना = देखना

धातु के भेद

(1) मूल धातु

(2) यौगिक धातु

(3) नामधातु

(4) मिश्र धातु

(5) अनुकरणात्मक धातु


(1) मूल धातु

मूल धातु स्वतन्त्र होती है। यह किसी दूसरे शब्द पर आश्रित नहीं होती।

सुन, खेल, लिख, जा, खा, देख, पी  आदि


(2) यौगिक धातु

यौगिक धातु किसी प्रत्यय के योग से बनती है।

यौगिक धातु मूल धातु मे प्रत्यय लगाकर, कई धातुओ को संयुक्त करके, अथवा संज्ञा और विशेषण मे प्रत्यय लगाकर बनाई जाती है । 

उठाना, उठवाना, दिलाना, दिलवाना, कराना, करवाना 

रोना-धोना, चलना-फिरना, खा-लेना, उठ-बैठना, उठ-जाना, खेलना-कूदना, आदि। 

बतियाना, गरमाना, चिकनाना

यौगिक धातुएं तीन प्रकार की होती है – 

(1) प्रेरणार्थक क्रिया 

(2) यौगिक क्रिया

(3) नाम धातु 

(i) प्रेरणार्थक क्रिया 

प्रेरणार्थक क्रियाए अकर्मक एवं सकर्मक दोनों क्रियाओ से बनती है ।आना/लाना जोड़ने से  प्रथम प्रेरणार्थक एवं वाना जोड़ने से द्वितीय प्रेरणार्थक रूप बनते  है।  

 

प्रेरणार्थक क्रिया के उदाहरण :

मूल धातु   –    प्रेरणार्थक धातु 

उठ – ना     –   उठाना, उठवाना

दे – ना        –  दिलाना, दिलवाना 

कर-ना       –  कराना, करवाना 

सो-ना       –   सुलाना, सुलवाना

खा-ना       –   खिलाना, खिलवाना

(ii)  यौगिक क्रिया

दो या दो से अधिक धातुओं के संयोग से यौगिक क्रिया बनती है। 

यौगिक क्रिया के उदाहरण :

रोना-धोना

चलना-फिरना

खा-लेना

उठ-बैठना

उठ-जाना

खेलना-कूदना

(iii) नाम धातु

संज्ञा या विशेषण से बनने वाली धातु को नाम धातु क्रिया कहते है। 

जैसे – गरियाना, लतियाना, बतियाना, गरमाना, चिकनाना, ठण्डाना

नाम धातु के उदाहरण :

गाली से गरियाना

लात से लतियाना

चिकना से चिकनाना 

ठंड से ठण्डाना

 

(3) नामधातु

जो धातु संज्ञा या विशेषण से बनती है, उसे ‘नामधातु’ कहते है। 

संज्ञा से

(1) हाथ – हथियाना

(2) बात – बतियाना

विशेषण से

चिकना – चिकनाना
गरम – गरमाना

(4) मिश्र धातु

जिन संज्ञा, विशेषण, और क्रिया विशेषण शब्दों के बाद ‘करना’ या ‘होना’ जैसे क्रिया पदों के प्रयोग से जो नई
क्रिया धातुएँ बनती है उसे मिश्र धातु कहते है।

होना या करना- काम करना, काम होना

देना- पैसा देना, उधार देना

मारना– गोता मारना, डींग मारना

लेना- काम लेना, खा लेना

जाना- चले जाना, सो जाना

आना-  याद आना, नजर आना

खाना  –  मार खाना, हवा खाना 

(5) अनुकरणात्मक धातु

जो धातुएँ किसी ध्वनि के अनुकरण पर बनाई जाती है, उसे अनुकरणात्मक धातु कहते है।

जैसे- पटकना, टनटनाना, खटकना 

 

हिन्दी व्याकरण

संज्ञा संधि लिंग
काल क्रिया धातु
वचन कारक समास
अलंकार विशेषण सर्वनाम
     उपसर्ग           प्रत्यय      संस्कृत प्रत्यय

Filed Under: व्याकरण, हिन्दी

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